वोटों में सेंध लगाने को तैयार Mayawati, अब बीजेपी का हारना लगभग तय

उत्तर प्रदेश में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए बसपा ने कमर कस ली है और यह साफ कर दिया है कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन होकर रहेगा। वहीं अखिलेश यादव ने भी एक बयान में कहा की झूठे वादे करने वाली बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए अगर हमें दो चार सीटों का त्याग करना पड़े तो हम पीछे नहीं हटेंगे और बिना शर्त चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में राजनीति में तख्ता पलटने की क्षमता रखने वाली Mayawati ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने को कहा है।

Mayawati ने भी लोकसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है और अपनी रैलियों के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। Mayawati सबसे पहले एससी और एसटी वर्ग के लोगों के बीच जाकर रैलियां करेंगी ताकि एससी और एसटी वर्ग का सारा वोट अपने पक्ष में ला पाए। मायावती का पूरा इरादा एससी और एसटी वोट को खींचने के साथ-साथ मुस्लिम वोट को भी खींचना है।

वैसे आपको बता दें कि अगर Mayawati एससी, एसटी और मुस्लिम वोट को खींचने में कामयाब हो जाती है, तो वह उत्तर प्रदेश का लगभग 40% वोट अपने नाम कर लेंगी, ऐसे में 8% वोट वाले यादवों की भूमिका अहम हो जाती है। गौरतलब है कि अगर मायावती का यह गणित कामयाब हो जाता है, तो भाजपा को हराने में दोनों पार्टियों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी और बड़ी ही आसानी से उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने में दोनों पार्टियां कामयाब हो जाएंगी।

अब देखने वाली बात यह है कि दोनों पार्टियों किस हिसाब से लोगों के बीच जाकर मेहनत करती हैं और अगर दोनों पार्टियां मेहनत करके भाजपा को हराने में कामयाब हो जाती हैं, तो यह योगी सरकार के लिए बहुत बड़ी हार होगी जिसे भाजपा कभी नहीं भुला पाएगी।

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