बहुत कहा था तुझसे मुझे अपना मत बनाओ, अब अपना बना ही लिया तो मेरा तमाशा मत बनाओ

Hindi Shayari:-

हमसफर तो साथ साथ चलते हैं रास्ते तो बेवफा बदलते हैं, आपका चेहरा है जब से मेरे दिल में जाने क्यों लोग मेरे दिल से जलते हैं।
अपनी जिंदगी के अलग असूल हैं यार की खातिर तो कांटे भी कबूल हैं, हंस कर चल दूं कांच के टुकड़ों पर भी अगर यार कहे मेरे बिछाए हुए फूल हैं।
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अपनी तकदीर में तो कुछ ऐसा है ऐसे ही सिलसिले लिखे हैं, किसी ने वक्त गुजारने के लिए अपना बनाया तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया।
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बहुत कहा था तुझसे मुझे अपना मत बनाओ, अब अपना बना ही लिया है तो मेरा तमाशा मत बनाओ।
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