सबसे बड़ा पुण्य का काम होता है स्त्री के इस अंग को छूना

दोस्तों अगर असल में कोई सम्मान का हकदार होता है तो वह है स्त्रियां क्योंकि स्त्रियां बिना पैसे लिए अलग-अलग रूपों में हमारी सेवा करती हैं। स्त्रियों की सबसे बड़ी बात यह होती है कि स्त्री, पुरुष को तन, मन और धन से अपना मान कर उसकी हर परेशानी का समाधान करती है। 
लेकिन आज हम आपको स्त्रियों से जुड़ी हुई एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिस को अपनाकर आप असल मायने में पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं और अपने सारे पाप मिटा सकते हैं। 
दरअसल स्त्रियों का अभिवादन करने के लिए स्त्रियों के चरण छूने की परंपरा सदियों से रही है। जब हम किसी आदरणीय व्यक्ति के चरण छूते हैं, तो आशीर्वाद के तौर पर उनका हाथ हमारे सिर के उपरी भाग को और हमारा हाथ उनके चरण को स्पर्श करता है। ऐसी मान्यता है कि इससे उस पूजनीय व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा आशीर्वाद के रूप में हमारे शरीर में प्रवेश करती है। इससे हमारा मानसिक विकास भी होता है।
अपनी मां बहन या बेटी के चरण स्पर्श और चरण वंदना करना भारतीय संस्कृति में सभ्यता और सदाचार का प्रतीक है। दोस्तों मान्यता है कि बड़ी महिलाएं जैसे हमारी दादी, नानी और काकी के चरण स्पर्श नियमित तौर पर करने से कई प्रतिकूल ग्रह भी अनुकूल हो जाते हैं। आपको बताना चाहेंगे की जिन स्त्रियों के पैर छुए जाते हैं, उनके लिए शास्त्रों में कई तरह के नियम भी बनाए गए हैं।
दोस्तों चरण और आचरण दोनों शब्द ही एक दूसरे से मिलते जुलते हैं, इसीलिए जब भी आप किसी स्त्री के चरण स्पर्श करें तो ध्यान रहे कि उस स्त्री का आचरण अच्छा हो। जब आप किसी अच्छे आचरण वाली स्त्री के चरण स्पर्श करेंगे तभी आपको उस स्त्री से सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होगी तथा आप पुण्य के भागीदार भी बनेंगे।

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