Thursday, June 20, 2019

International Yoga Day 2019: Yoga Day की खास बातें, Yoga Day का इतिहास और इस बार योग दिवस पर नरेंद्र मोदी का पूरा कार्यक्रम

इंटरनेशनल योग दिवस (International Yoga Day) 21 जून को मनाया जाता है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2015 में योग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया था. जब से Yoga Day की शुरुआत हुई है तब से लोगों ने स्वस्थ रहने के लिए धीरे-धीरे योग को अपनाना शुरू किया है. इसमें बहुत बड़ा योगदान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तरीके से लोगों को योग अपनाने के लिए जागरूक किया था, जिसका नतीजा अब हमें देखने को मिल रहा है कि दुनियाभर से तमाम लोग योग में अपनी रुचि दिखा रहे हैं.
yoga day images

आखिर कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत:
योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है, जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी. शब्द 'योग' संस्कृत से निकला है और इसका मतलब शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक या एकजुट होना है.अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विचार पहली बार भारत के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने भाषण के दौरान प्रस्तावित किया था.


"Yoga Day" का उद्देश्य:
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य योग अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है. योग न केवल आपके शरीर को रोगों से मुक्त रखता है बल्कि आपके मन को भी शांत रखने का काम करता है. हज़ारों सालों से योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है.


पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत ने बनाया था रिकॉर्ड:
21 जून 2015 को पहला अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, पहले योग दिवस पर भारत ने दो शानदार रिकॉर्ड भी बनाए थे. 21 जून 2015 को पीएम मोदी ने 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ राजपथ पर योग किया था. पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना, दूसरा रिकार्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस आयोजन में एक साथ भाग लेना.


योग दिवस पर नरेंद्र मोदी:
देश में अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस 2019 का मुख्य आयोजन झारखंड की राजधानी रांची में हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया. नरेंद्र मोदी ने 5वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कहा कि योग आयु, रंग, जाति, संप्रदाय, मत, पंथ, अमीरी-गरीबी, प्रांत, सरहद के भेद से परे है. उन्होंने कहा कि योग अनुशासन है, समर्पण हैं, और इसका पालन पूरे जीवन भर करना होता है.

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