अधूरा रह सकता है राहुल गांधी का प्रधानमंत्री बनने का सपना, ये पुराना साथी बना जी का जंजाल

दोस्तों इस समय देश का राजनीतिक माहौल थोड़ा गर्म चल रहा है, जहां एक तरफ बार-बार चुनाव हार रही कांग्रेस को एक बार नहीं मध्य प्रदेश,राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सत्ता मिल गई। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के ऊपर हमले करने से चूक नहीं रही है। कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता एक तरफ जहां 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के लोग राहुल गांधी का मजाक उड़ा रहे हैं।
देखा जाए तो राहुल गांधी के लिए 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव अग्नि परीक्षा से कम नहीं होंगे क्योंकि राहुल गांधी की सीधी टक्कर बातों के बादशाह कहे जाने वाले नरेंद्र मोदी से होगी, जो कि इस समय देश के प्रधानमंत्री हैं। राहुल गांधी की मुश्किलें अब और भी बढ़ सकती हैं क्योंकि विपक्ष में मौजूद कई नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं।
वैसे आपका यह जानना भी जरूरी है की हाल ही में डीएमके प्रमुख स्टालिन ने कहा था कि आने वाले लोकसभा चुनाव में जीतने पर राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उनकी इस बात को सुनकर कांग्रेस तो खुश हुई थी लेकिन चंद्रबाबू नायडू, ममता बनर्जी सहित देश के अन्य विपक्षी नेताओं को यह बात पसंद नहीं आई थी। इससे पहले भी ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू राहुल को अपना नेता मानने से मना कर चुके हैं।
लेकिन अब राहुल गांधी के पुराने मित्र रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्हें अपना नेता मानने से इनकार कर दिया है। अखिलेश यादव ने कहा है कि वह हमेशा राहुल गांधी से मित्रता का व्यवहार रखेंगे और हिंदुस्तान का विकास करेंगे लेकिन लोकसभा चुनावों से ठीक पहले अखिलेश यादव ने मायावती के साथ जाना ज्यादा बेहतर समझा है और सपा-बसपा सहित आरएलडी के गठबंधन पर भी मुहर लगा दी है।

News Source: ABP News

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