Thursday, November 29, 2018

बोतलों में ताजी हवा भरकर बेच रही विदेशी कंपनियां, हो रहा मुनाफा, पढ़िए पूरी खबर

दोस्तों प्रकृति के साथ खिलवाड़ करना कितना खतरनाक हो सकता है, इस बात का अंदाजा आप कुछ साल पहले आए नेपाल के भूकंप, उत्तराखंड में आई तबाही और इसी साल केरल में आई बाढ़, से लगा सकते हैं। प्रकृति की हल्की सी करवट ने हजारों जिंदगियां तबाह कर दी, आपदाओं को देखकर लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब हमें अपनी सभ्यता बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
अभी हमारे पास समय है, हम चाहे तो अपनी धरती को बहुत खूबसूरत बना सकते हैं, इतना खूबसूरत जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। उसके लिए हमें साथ मिलकर अपने वातावरण को स्वच्छ बनाना पड़ेगा, लेकिन अभी से ही कुछ लोग हार मान चुके हैं और वायु प्रदूषण को खत्म करने की बजाय वायु प्रदूषण में ताजा साँस लेने की जुगाड़ करने लगे है। इसके लिए लोग बोतलों में शुद्ध हवा भरकर बेचने लगे हैं।

इस धरती पर जीवित प्राणियों के लिए हवा एक अनिवार्य आवश्यकता है। लेकिन बढ़ती हुई जनसंख्या, बढ़ते हुए उद्योग, संचार के साधनों में बढ़ोतरी, जंगलों की अंधाधुंध कटाई और परमाणु परीक्षण जैसी क्रियाओं के कारण हमारी हवा प्रदूषित हो चुकी है और इस प्रदूषित हवा के कारण हमें कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। लेकिन वायु प्रदूषण को खत्म करने के बजाय बाजार में ताजी हवा वाली बोतलें उपलब्ध हैं।

वैसे देखा जाए तो इसकी शुरुआत पहले से ही वायु प्रदूषण की मार झेल रहे चीन से हुई थी। चीन की एक कंपनी ने सबसे पहले 500 बोतलों की सप्लाई की थी। 500 बोतलों की सफल सप्लाई करने के बाद कंपनी ने 4000 और नई बोतलों की सप्लाई की, बाद में यह कारोबार ऑस्ट्रेलिया, जापान और रूस सहित अन्य देशों में फैल गया और इतना ही नहीं इस कारोबार में कंपनी को काफी मुनाफा भी हुआ।

ताजी हवा वाली बोतल अलग-अलग वजन में मौजूद हैं, जिनमें एक 3 लीटर की बोतल है जिससे एक इंसान करीब 80 बार सांस ले सकता है। कंपनी के अनुसार बाजार में सबसे ज्यादा 8 लीटर की बोतल की मांग है, जिससे तकरीबन 180 बार सांस ली जा सकती है। 3 लीटर की बोतल की कीमत 1450 रुपए और 8 लीटर की बोलत की कमत 2800 रुपए रखी गयी है।

यानि एक बार ताजी हवा में सांस लेने के लिए औसतन 17-18 रुपए चुकाने होंगे। बाजार में आई ताजी हवा की बोतलों से कुछ देर के लिए हम ताजी हवा में सांस तो ले सकते हैं लेकिन इसके द्वारा हम अपने वातावरण को शुद्ध नहीं बना सकते। इन बोतलों पर पैसे खर्च करने के बजाए अगर हम उन पैसों से कोई पौधा लगाएं तो उसे हमारा वातावरण कुछ हद तक तो शुद्ध होगा। अगर पृथ्वी पर मौजूद एक इंसान रोज़ एक पौधा भी लगाएगा तो इससे न जाने कितने पौधे लग जाएंगे और इन पौधों से हमारा वातावरण भी शुद्ध हो जाएगा।

वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए, कमेंट में जरूर बताएं और इस जानकारी को शेयर करने के साथ-साथ हमें फॉलो करना ना भूलें।

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