Tuesday, November 6, 2018

हिंदू धर्म की सबसे पवित्र पुस्तक जिसे पढ़ने के बाद मन को मिलती है शांति

भारत, नेपाल और मलेशिया जैसे देशों में हिंदुओं की संख्या अधिक है। हिंदू अपनी आस्था और संस्कृति पर विश्वास रखते हैं, हिंदुओं को उनकी संस्कृति सबसे अलग बनाती है। हिंदू धर्म में कुछ ऐसे नियम है जो मनुष्य की सेहत को हमेशा अच्छा रखते हैं लेकिन सिर्फ नियम ही नहीं बल्कि, हिंदू धर्म में एक ऐसी पवित्र पुस्तक मौजूद है जिसको पढ़कर मनुष्य जिंदगी की हर सफलता प्राप्त कर सकता है।

इस पवित्र पुस्तक का नाम श्रीमद्भगवदगीता है, इस पवित्र पुस्तक को पढ़कर मनुष्य अपनी सभी परेशानियों को भूलकर एक अलग आनंद महसूस कर सकता है। इस पुस्तक को पढ़कर मनुष्य के मन को शांति मिलती है और मनुष्य एक सकारात्मक दिशा की ओर बढ़ता है, इस पुस्तक में जीवन के महत्व को समझाया गया है।

इस पुस्तक ने अपनी विशेषता के कारण भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोगों का ध्यान अपनी और आकर्षित किया है। गीता में धर्म का सही मतलब बताया गया है इतना ही नहीं गीता में धर्म शब्द का प्रयोग आत्म स्वभाव एवं जीव स्वभाव के लिए प्रयुक्त हुआ है। गीता में धर्म से जुड़ी हुई अन्य बातें भी कही गई है।
इस पुस्तक में लिखी हुई बातें आपको जिंदगी की हकीकत बताती हैं। भारत में कई ऐसे सफल व्यक्ति मौजूद हैं जिन्होंने गीता को अपनाकर उसमें लिखी बातों पर चलकर सफलता रूपी ज्ञान को प्राप्त किया है। गीता वही श्रृंखला है जिसमें युद्ध और जीवन के अर्थ को भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को समझाए थे।
गीता में कुल 18 अध्याय हैं, जिसमें कुल 700 छंद हैं इनको तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है और हर हिस्से में 6-6 अध्याय हैं। आज भी कोर्ट में सुनवाई के दौरान गीता की कसम खाई जाती है क्योंकि गीता सच्चाई का प्रतीक है जिसे हम कभी झूठला नहीं सकते हैं।

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