पंजाब के अमृतसर के बाद उत्तर प्रदेश में ट्रेन से कुचलकर 20 बंदरों की दर्दनाक मौत

दशहरा का दिन इतना मनहूस होगा किसी ने सोचा ही नहीं था, एक तरफ पंजाब के अमृतसर में बेहद दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें कई मासूमों को अपनी जान गवानी पड़ी, सैकड़ों लोग बेमौत मारे गए। इस हादसे के बाद लगभग कुछ इस तरह का हादसा दिल्ली-हावड़ा रेलवे रूट फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर हुआ।

दरअसल रेल की पटरी पर बंदरों का झुंड बैठा हुआ था, बंदरों के झुंड को लिच्छवी एक्सप्रेस रौंदते हुए गुजर गई, इसमें बीस बंदरों की कुचलकर मौत हो गई। वैसे अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने बंदर ट्रेन से कुचलकर मारे गए हैं, लेकिन जीआरपी ने 15 बंदरों के मरने की बात कही है।

फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर ट्रेन के आने से पहले बंदरों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया। यात्रियों ने बंदरों को भगाने का प्रयास किया। लेकिन डर के मारे कोई ज्यादा जोर ना लगा सका, तभी अचानक से ट्रेन आ गई और बंदरों को रौंदते हुए चली गई। ट्रेन ने बंदरों को इतनी बुरी तरह कुचला की बंदरों के खून के छींटे प्लेटफॉर्म तक पहुंच गए, ट्रेन के गुजरने के बाद स्टेशन पर बंदरों की भीड़ मौजूद हो गई।

काफी समय तक बंदरों की भीड़ मरे हुए बंदरों के आसपास बनी रही, यात्रियों ने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे मरे हुए बंदरों के शोक में दूसरे बंदर बैठे हो। विजयदशमी के दिन हुए इस हादसे से काफी लोगों निराश रहे, इस हादसे के बाद कुछ लोगों ने यह आरोप लगाया की रेलवे ने बंदरों को मालगाड़ी की खुली बोगी में ऐसे ही फेंक दिया था। जिसके बाद रेलवे द्वारा जारी बयान में कहा गया कि उन्होंने बंदरों के शवों को जमीन में दफना दिया था। मालगाड़ी की बोगी में बिकने वाली बात झूठ है।

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