Thursday, September 20, 2018

उत्तर प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सरकार करेगी सख्त इंतजाम

उत्तर प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक आ रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड की समय सारणी घोषित कर दी है। डॉ दिनेश शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि हाई स्कूल इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 7 फरवरी 2019 से शुरू होगी और 16 दिन की कार्यकाल में पूरी कर ली जाएंगी । ऐसे में सभी विद्यालय और कार्यभार संभालने वाले अधिकारी सख्ती बरतने को तैयार हो जाएं।
गौरतलब है कि योगी सरकार में नकल माफियाओं पर शिकंजा कसा हुआ है और आपको बता दें कि फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं पिछली बार की तरह नहीं होगी, बल्कि सरकार के मुताबिक इस बार परीक्षाओं में और सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि नकल बिल्कुल होने ही ना दी जाए।
इस बार की परीक्षाओं में परीक्षा केंद्रों के सभी कमरों में दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं और परीक्षा के समय विद्यालय प्रबंध समिति के सभी सदस्यों को केंद्र से 200 मीटर दूरी पर रहने दिया जाएगा। छात्रों को तकलीफ ना हो इसलिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बिजली और शौचालय की उचित व्यवस्था पहले से ही की जाएगी। 
7 फरवरी 2019 से शुरू होने वाली परीक्षाओं में पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार तकरीबन 9 लाख विद्यार्थी कम शामिल होंगे। परीक्षाओं के समय उत्तर प्रदेश में चुनाव का बुखार भी सर चढ़कर बोलेगा, इसलिए सरकार परीक्षा जल्द से जल्द खत्म करना चाहेगी ताकि चुनाव के कारण परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी ना हो। इसी के साथ आपको बता दें कि इस बार सुबह 7:30 बजे की बजाय 8 बजे से परीक्षा शुरू होगी। 
इस बार की परीक्षाओं में थोड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा, इस बार की परीक्षा एनसीआरटी सिलेबस पर आधारित होगी। यूपी बोर्ड के इतिहास में पहली बार होगा कि एनसीआरटी सिलेबस के आधार पर परीक्षा ली जाएगी। जो विद्यार्थी इस वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षा देंगे उन्हें डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार पहले ही बोल चुकी है कि परीक्षा को ज्यादा से ज्यादा सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस वर्ष एनसीआरटी सिलेबस लागू किया गया है, तो प्रश्न पत्र में थोड़ी बहुत राहत मिलने की आशंका है लेकिन नकल माफियाओं को सरकार किसी भी तरह की छूट नहीं देगी।

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